गौरतलब है कि एक फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा प्रस्तुत किए गए 2022-23 के बजट प्रावधानों में विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए चमकीला अध्याय लिखा गया है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक देश के 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकों की स्थापना करेंगे। देश के डाकघर भी भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है ऑनलाइन सेवाएं मुहैया कराएंगे। 1.5 लाख डाकघर कोर बैंकिंग से जुड़ेंगे। इसके साथ ही बैंक से पोस्ट ऑफिस भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जा सकेगा। यही नहीं डाकघर के लिए भी एटीएम सुविधा मुहैया कराई जाएगी। 5जी मोबाइल सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी होगी। इसके बाद से निजी दूरसंचार कंपनियां देश में 5जी सेवाओं की शुरुआत कर पाएगी। 5जी सुविधा प्रारंभ होने के बाद उपयोगकर्ता अपने 5जी स्मार्टफोन का और बेहतर तरीके से उपयोग कर सकेंगे। इसके साथ ही 5जी के आने से देशभर में इंटरनेट यूजर्स को हाई-स्पीड नेट सर्फिंग और फास्ट वीडियो स्ट्रीमिंग का बिल्कुल नया लाभ मिलेगा। पीएम ई-विद्या के 'वन क्लास, वन टीवी चैनल' कार्यक्रम को 12 से 200 टीवी चैनलों तक बढ़ाया भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है जाएगा। साथ ही एक डिजिटल यूनिवर्सिटी भी बनाई जाएगी। नए बजट के प्रावधानों के तहत खेती-किसानी में ड्रोन का इस्तेमाल किया जाना सुनिश्चित किया गया भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है है, जिससे फसल मूल्यांकन, भूमि अभिलेख, कीटनाशकों का छिड़काव में मदद मिलेगी। फसल मूल्यांकन के साथ ही भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया के साथ किसानों को कृषि संबंधी सेवाएं डिजिटल प्रदान की जाएंगी। सभी केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा उनकी खरीद के लिए उपयोग के लिए एक पूर्ण पेपरलेस एंड-टू-एंड ऑनलाइन ई-बिल प्रणाली शुरू की जाएगी। केंद्र सरकार भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है एंड टू एंड बिलिंग पेमेंट सिस्टम बनाएगी। इससे पेपरलेस ई-बिल की सुविधा मिलेगी। बिल ट्रांसफर करने और कहीं से भी दावों को ट्रैक करने में सक्षम किया जाएगा। ई पासपोर्ट व्यवस्था भी आकार लेते हुए दिखाई देगी।

डॉ. जयंतीलाल भंडारी का लेख : तेजी से डिजिटल होगी इकोनॉमी

डॉ. जयंतीलाल भंडारी

देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से बढ़ने का नया लाभप्रद परिदृश्य उभरकर दिखाई दे रहा है। इससे एक ओर देश के करोड़ों भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है लोगों की सुविधा और उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ने तथा दूसरी ओर रोजगार सहित नए आर्थिक मौके तेजी से बढ़ने की संभावनाएँ भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है निर्मित हो रही हैं।

इसमें कोई दोमत नहीं हैं कि भारत में जिन विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल कारोबार बढ़ने के साथ-साथ डिजिटल रोजगार बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में कई ऐसे नए रोजगार दिखाई देने लगे हैं, जिनके बारे में पहले कल्पना भी नहीं की जाती थी। मैकेंजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था में वर्ष 2025 तक करीब छह से साढ़े छह करोड़ रोजगार अवसर पैदा हो सकते हैं, वहीं इसकी भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है वजह से करीब चार से साढ़े चार करोड़ परंपरागत नौकरियां समाप्त हो सकती हैं। इसमें कोई दोमत नहीं कि दुनियाभर में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते कई क्षेत्रों में रोजगार तेजी से खत्म हो रहे हैं। वहीं डिजिटल क्षेत्रों में रोजगार के भौतिक मुद्रा डिजिटल हो जाती है अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

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