S L kashyap जुलाई 08, 2021 0

what is Japanese charts Candlesticks pattern - कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न क्या है

यदि आप stock market, commodity market अथवा currency market में ट्रेडिंग या इन्वेस्टिंग करते है तो आपको कैंडल स्टिक चार्ट पैटर्न का ज्ञान होना बहुत ही जरूरी है,इनका अविष्कार जापान के चावल के व्यापारियों ने किया था इसलिए इनको Japanese Candlesticks Pattern के नाम से जाना जाता है। यह रियल टाइम प्राइस एक्शन को दर्शाता है, इसके साथ आप lagging indicator टेक्निकल टूल्स का उपयोग करके बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं जैसे RSI, Stochastic Oscillator आदि, इनका उपयोग केवल सिग्नल को कन्फर्म करने के लिए करना चाहिए, ज्यादातर बड़े निवेशक यही युक्ति अपनाते हैं। आप एक technical indicator यूज़ करके श्योर हो सकते कि Candlestick pattern जो बता रहा है वह सही है या नहीं। इस पोस्ट को पड़ने के बाद आप किसी भी कैंडलस्टिक चार्ट को बहुत ही आसानी से समझ सकते हैं। Price action strategy को समझने के लिए Technical Analysis के साथ -साथ कैडलस्टिक्स पैटर्न को समझना भी बहुत ही जरूरी है तभी आप stocks में entry तथा exit के सही समय के बारे में जान पाएगें। Japanese Candlestick Chart Pattern Analysis in Hindi.

Candle Stick Chart Pattern

Basic Candle Stick Pattern:


Candlestick दो प्रकार की होती हैं, पहली bullish candlestick (बुलिश ) तथा दूसरी bearish candlestick (बेयरिश), बुलिश कैंडलस्टिक हरे या सफेद रंग होती हैं तथा बेयरिश लाल या काले रंग की होती है। बुलिश यानि बुल्स (BULLS ) जो मार्केट को ऊपर ले जाना चाहते हैं, बेयर्स ( BEARS) जो मार्केट को गिरना चाहते हैं। स्टॉक मार्केट में एक तरह से बुल्स और बेयर्स के बीच में फाइट होती रहती है जिस दिन मार्केट गिरता है उस दिन बेयर्स की जीत होती है तथा लाल रंग की कैंडल बनती है तथा जिस दिन मार्केट चढ़ता है उस दिन बुल्स की जीत होती है तथा हरे रंग की कैंडल बनती है। कैंडल के रंग से हमे यह पता चल जाता है कि stock market को कंट्रोल कौन कर रहा है ? बुल्स या बेयर्स तथा कौन कंट्रोल खो रहा है ? इनके हिसाब से हम अपनी प्राइस एक्शन स्ट्रेटेजी बना सकते हैं।

यदि शेयर के बंद होने का प्राइस शेयर के खुलने के प्राइस से ऊपर है तो हरे अथवा कैंडल चार्ट को कैसे समझें सफेद रंग की कैंडल बनेगी और यदि शेयर के बंद होने का प्राइस शेयर के खुलने के प्राइस से नीचे है तो लाल अथवा काले रंग की कैंडल बनेगी। आप उपर्युक्त चित्र में देख सकते हैं। Candlestick के बीच का जो हिस्सा होता है उसे Real body कहते हैं। Real body के ऊपर और नीचे जो पतली लाइन होती है उसे शैडो (shadow ) या विक (wick )कहते हैं। Upper shadow का टॉप शेयर के हाई प्राइस को दर्शाता है तथा Lower shadow का निचला सिरा शेयर के low प्राइस को दर्शाता है। यदि कैंडल की रियल बॉडी छोटी होती है तो यह कम मात्रा में buying और selling के रुझान को दर्शाती है।
लम्बी हरी जापानी कैंडलस्टिक स्ट्रांग बाइंग प्रेशर को दर्शाती है, इसमें शेयर के प्राइस अपने खुलने के प्राइस से ऊपर बंद होते हैं। लम्बी लाल कैंडलस्टिक स्ट्रांग सेलिंग प्रेशर को दर्शाती है तथा इसमें प्राइस अपने खुलने के प्राइस से नीचे बंद होते हैं। छोटी शैडो वाली Japanese candlestick ये दर्शाती है कि ज्यादातर ट्रेडिंग सेशन अपने ओपनिंग एवं क्लोजिंग प्राइस के आसपास ही घूमता रहा।

यदि कैंडलस्टिक की ऊपरी शैडो लम्बी तथा लोअर शैडो छोटी होती है तो इसका मतलब buyer अपनी ताकत दिखायगे तथा बिड प्राइस हाई होगा लेकिन सेशन के आखिर में सेलर अपनी ताकत दिखायगे तथा प्राइस वापस ओपन प्राइस के आसपास आ जायेगा। यदि कैंडलस्टिक की निचली शैडो लांग तथा ऊपरी शैडो छोटी होती है तो इसका मतलब सेशन के शुरू में sellers हावी रहेंगे और प्राइस को नीचे गिरा देंगे लेकिन सेशन के आखिर में buyers वापस आ जायेगे तथा प्राइस फिर से अपने ओपनिंग प्राइस के आसपास हो कैंडल चार्ट को कैसे समझें जायेगा।
Candlesticks pattern कई तरह के होते हैं इसलिए स्टॉक चार्ट को समझने के लिए आपको ये पता होना बहुत जरूरी है कि ये पैटर्न आपको क्या संदेश देते हैं। तभी आप इनका उपयोग अपने फायदे के लिए कर पायगे। Types of charts & it's importance of technical analysis- in hindi.

कैंडलस्टिक पैटर्न सामान्यतः कई प्रकार के होते है, इनकी सहायता से आप मूमेंटम तथा ब्रेकऑउट तथा वर्तमान ट्रैंड आगे चलेगा या नहीं इस बात का पता लगा सकते हैं। स्टॉक में कितना मूमेंटम बना हुआ है या बचा हुआ है,इसके साथ आप ये भी पता लगा सकते है कि क्या ब्रेकऑउट हो सकता है ? क्या वर्तमान ट्रैंड आगे चलेगा या रिवर्सल आ सकता है।

कैंडलस्टिक पैटर्न कई प्रकार हैं उन्हें निम्नलिखित कैटेगरी में बाँटा जा सकता हैं -


एक - बेसिक कैंडलस्टिक पैटर्न
दो - सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न
तीन - डबल कैंडलस्टिक पैटर्न
चार - ट्रिपल कैंडलस्टिक पैटर्न
Opening and closing time of stock market in India

Candlesticks pattern एक बड़ा सब्जेक्ट है इसलिए इसको एक पोस्ट में कवर नहीं किया सकता, इसके ऊपर मैं और भी पोस्ट लिख रही हूँ। कृपया कैंडलस्टिक पैटर्न की सम्पूर्ण जानकारी के लिए उन्हें भी पढ़े।
उम्मीद है , आपको ये पोस्ट जरूर पसंद आयी होगी । मेरी यही कोशिश रहती है कि जो भी लिखू जानवर्द्धक लिखू ऐसी ही इन्फॉर्मेशनल पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को subscribe जरूर कीजिये ,इस पोस्ट से सम्बन्धित कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।यदि ये पोस्ट आपको पसंद आयी हो तो इसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।

कैंडलस्टिक को समझने की शुरुवात

4.1 इतिहास अपने को दोहराता है सबसे बड़ी अवधारणा (Assumption)

जैसे कि हम पहले भी बात कर चुके हैं कि टेक्निकल एनालिसिस में सबसे जरूरी अवधारणा (Assumption) यह है कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। टेक्निकल एनालिसिस इस अवधारणा को बार-बार इस्तेमाल करता है। यह सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा है।

टेक्निकल एनालिसिस की इस अवधारणा को और गहराई से समझना जरूरी है क्योंकि कैंडलस्टिक के पैटर्न पूरी तरीके से इस अवधारणा आधार बनाते हैं।

मान लीजिए आज 7 जुलाई 2014 है और कुछ चीजें बाजार में हो रही है।

  1. घटना एक शेयर पिछले 4 दिनों से लगातार गिर रहे हैं ।
  2. घटना दो आज 7 जुलाई 2014 को पांचवा ट्रेडिंग सेशन है जहां शेयर गिर रहे हैं। शेयर वॉल्यूम भी कम है।
  3. घटना तीन शेयर की कीमत का दायरा भी पिछले दिनों की तुलना में बहुत ज्यादा छोटा है।

इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अब आप मानिए कि अगले दिन यानी 8 जुलाई 2014 को शेयरों की गिरावट थम जाती है और शेयर थोड़ी सी तेजी के साथ भी बंद होते हैं। तो पिछली तीन घटनाओं के परिणाम में छठवें दिन शेयर बाजार ऊपर की तरफ गया।

कुछ समय बीत जाता है मान लीजिए कुछ महीने , और बाजार में 5 दिनों तक फिर से ऐसी घटनाएं होती हैं जैसी हमने ऊपर देखी थी। अब आप छठवें दिन के लिए क्या उम्मीद लगाएंगे?

हमारी अवधारणा है कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। यहां हम अपने अवधारणा में एक और चीज जोड़ देते हैं , वो ये कि जब पिछले कुछ दिनों की घटनाएं इतिहास की किसी और समय की तरह से चल रही है तो हम यह मान सकते हैं कि उन घटनाओं के बाद जो परिणाम दिखा था वही परिणाम फिर से दिखेगा। इसी अनुमान के आधार पर हम कहते हैं कि अब छठवें दिन शेयर ऊपर जाएंगे।

4.2- कैंडलस्टिक पैटर्न और उनसे जुड़ी उम्मीदें

कैंडलस्टिक का इस्तेमाल ट्रेडिंग पैटर्न समझने के लिए किया जाता है। पैटर्न , यानी एक खास तरह की घटना जब एक खास तरीके के संकेत देती है तो उसे पैटर्न कहते हैं। टेक्निकल एनालिस्ट पैटर्न के आधार पर ही अपना ट्रेड यानी सौदा तय करते हैं। किसी भी पैटर्न में दो या दो से ज्यादा कैंडल एक खास तरीके से लगे होते हैं। लेकिन कभी-कभी एक कैंडलस्टिक से भी पैटर्न समझा जा सकता है। इसलिए कैंडलस्टिक पैटर्न को सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न यानी एक कैंडलस्टिक वाले पैटर्न और मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न यानी कई कैंडलस्टिक वाला पैटर्न में बांटा जा सकता है। एक कैंडलस्टिक कैंडल चार्ट को कैसे समझें वाले पैटर्न में हम जो चीजें जानेंगे वह हैं।

  1. मारूबोज़ू (Marubozu)
    1. बुलिश मारूबोज़ू ( Bullish Marubozu)
    2. बेयरिश मारूबोज़ू (Bearish Marubozu)
    1. हैमर (Hammer)
    2. हैंगिंग मैन (Hanging man)

    मल्टीपल कैंडलस्टिक (Multiple Candlestick) पैटर्न वह होता है जिसमें कई कैंडलेस्टिक से एक पैटर्न बनता है मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न में हम जिन चीजों को जानेंगे , वो हैं :

    1. एन्गल्फिंग पैटर्न (Engulfing pattern)
      1. बुलिश एन्गल्फिंग (Bullish Engulfing)
      2. बेयरिश एन्गल्फिंग (Bearish Engulfing)
      1. बुलिश हेरामी (Bullish Harami)
      2. बेयरिश हेरामी (Bearish Harami)

      आप सोच रहे होंगे कि इन नामों का मतलब क्या है? जैसा कि हमने पहले भी बताया, इनमें से कई नाम अभी भी जापानी भाषा से ही आते हैं।

      कैंडलस्टिक पैटर्न एक ट्रेडर को ट्रेड की रणनीति बनाने और एक नजरिया बनाने में मदद करते हैं। हर पैटर्न में रिस्क की रणनीति भी कैंडल चार्ट को कैसे समझें होती है , साथ ही , एन्ट्री और स्टॉप लॉस कीमत के बारे में संकेत होते हैं।

      4.3 – कैंडलस्टिक से जुड़ी कुछ खास मान्यताएं

      हम पैटर्न के बारे में जानना और समझना शुरू करें उसके पहले कुछ और अवधारणाओं / मान्यताओं को अपने दिमाग में रखना जरूरी है। यह अवधारणाएं कैंडलस्टिक से जुड़ी हुई हैं। इन अवधारणाओं को ठीक से अपने दिमाग में बैठा लीजिए क्योंकि आने वाले समय में हम इन पर बार-बार लौटेंगे। हो सकता है कि यह अवधारणाएं अभी आपको पूरी तरीके से समझ ना आएं लेकिन आगे चलते हुए हम इनके बारे में और विस्तार से समझेंगे। इसलिए अभी से इनको से थोड़ा-थोड़ा जान लेना जरूरी है।

      कैंडल चार्ट क्या होता है कैंडल चार्ट को कैसे समझें

      S L kashyap जुलाई 08, 2021 0

      कैंडलेस्टिक चार्ट क्या होता है
      Candlestick chart

      दोस्तों आज हम बात करेंगे शेयर बाजार कैंडल चार्ट को कैसे समझें में कैंडलेस्टिक चार्ट क्या होता है। Candlestick chart शेयर बाजार में स्टॉक्स में हो रही खरीद बिक्री को लाल और हरे कैंडल में दर्शाते हैं। यहां पर हर एक हरे कैंडल का मतलब खरीददारी और लाल कैंडल का मतलब बिकवाली होता है। शेयर बाजार में किसी भी कंपनी का तकनीकी विश्लेषण करने के लिए कैंडल चार्ट बहुत महत्वपूर्ण है। और यह कीमतों के परिवर्तन का विश्लेषण करने के लिए बहुत मायने रखता है।

      कैंडलेस्टिक चार्ट को कैसे समझें
      कैंडलेस्टिक चार्ट

      कैंडलेस्टिक चार्ट को कैसे समझें

      जैसा कि आप अगर शेयर बाजार में व्यापार करते हैं या करने में रुचि रखते हैं तो कैंडलेस्टिक चार्ट पेटर्न को सीखना आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे आप एक समुचित ढंग से टेक्निकल एनालिसिस कर सकेंगे। बाजार में कैंडलेस्टिक चार्ट अपने पिछले Trade की गतिविधियों को दर्शाता है जहां से आपको टेक्निकल एनालिसिस में सपोर्ट aur रेजिस्टेंस, ट्रेंड लाइन अन्य पैटर्न देखने को मिलते हैं इसके के आधार पर हम अगले ट्रेडिंग सेशन के लिए अपने strategie के अनुसार रणनीतियां बनाते हैं। शेयर बाजार में अधिकतर ट्रेडर्स candlestick pattern के आधार पर ही बाजार में अपना सौदा या Trade करते हैं।

      Candlestick chart में कुछ फेमस कैंडल के नाम
      Candlestick chart list

      Candlestick chart में कुछ फेमस कैंडल के नाम

      • SHOOTING STAR
      • HAMMER
      • DOJI
      • PAPER UMBRELLA
      • SPINNING TOPS
      • MARUBOZU
      • ENGULFING CANDLE
      • MORNING STAR
      • HARAMI

      इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए कैंडलेस्टिक चार्ट का एनालिसिस कैसे करें।
      कैंडलेस्टिक चार्ट का एनालिसिस

      इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए कैंडलेस्टिक चार्ट का एनालिसिस कैसे करें।

      अगर आप शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडर है या फिर डे ट्रेडर में रुचि रखते हैं तो आपको कैंडलेस्टिक चार्ट पढ़ना बहुत जरूरी है। यह किसी भी शेयर का तकनीकी विश्लेषण करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। इसे सीखने के लिए आप बाजार में मोमेंट, ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट, ब्रेकडाउन, सपोर्ट और रजिस्टेंस इन चीजों को देखकर आप टेक्निकल एनालिसिस कर सकते है

      शेयर की प्रत्येक कैंडल बाजार के मूल्य की गतिशीलता को प्रदर्शित करती है

      HIGH, LOW, OPEN, और CLOSE

      अगर आप कैंडल स्टिक चार्ट का बखूबी विश्लेषण करना जानते हैं तो आप इंट्राडे ट्रेडिंग में अत्यधिक लाभ कमा सकते हैं।

      इंट्रा डे ट्रेडर के लिए कैंडलेस्टिक चार्ट उपयोग करने के 2 कारण होते हैं

      1 Trade नियंत्रण में मदद

      इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय अपने जोखिम को जानना बहुत जरूरी है। कैंडलेस्टिक चार्ट की मदद से आप आपकी चल रही पोजीशन को रखने या बंद करने और जोखिम के साथ लाभ और नुकसान को प्रतिबंधित कर सकते हैं। इससे आपको स्टॉप लॉस और टारगेट को जानना आसान होता है।

      2 Entry और Exit जानने में मदद

      Candlestick pattern का विश्लेषण करके आप या जान सकते हैं कि मोमेंटम, ब्रेकआउट या ट्रेंड के आधार पर बाजार में एंट्री करें या बाजार में टिके रहे या बाजार से बाहर निकले या निकलने का सही समय निर्धारित करता है। इन सभी तरीकों को सीख कर आपको शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग करने में मदद मिलेगी।

      कैंडलस्टिक चार्ट को कैसे पढ़ना है

      हिंदी

      कैंडलस्टिक चार्ट को कैसे पढ़ना है?

      वित्तीय बाजार विश्लेषण मोटे तौर पर दो श्रेणियों, तकनीकी और मौलिक के तहत आता है। जहां, मौलिक विश्लेषण व्यापक आर्थिक स्थितियों, त्रैमासिक आय, और भविष्य की कीमत की चाल की भविष्यवाणी करने के लिए अन्य कारकों के बीच प्रचलित ब्याज दरों पर निर्भर करता है, वहीं तकनीकी विश्लेषण चार्ट का उपयोग करता है जहां अतीत में प्रतिभूतियों द्वारा बनाए गए पैटर्न का उपयोग किया जाता है।

      यहां हम कैंडलस्टिक पैटर्न के बारे में बात करेंगे और पता करेंगे कि कैंडलस्टिक चार्ट में पैटर्न को कैसे पढ़ा जाए।

      कैंडलस्टिक पैटर्न

      एक कैंडलस्टिक पैटर्न किसी परिसंपत्ति की कीमत के बढ़ने तथा गिरने के परिणामस्वरूप बनता है। हालांकि तकनीकी चार्ट बेतरतीब पैटर्न दिखा सकते हैं, कुछ विशिष्ट पैटर्न का प्रयोग कारोबारियों द्वारा खरीद या बेचने के संकेत के रूप में किया जाता है। यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि ये पैटर्न संकेत हैं और गारंटी नहीं देते हैं।

      आम तौर पर पैटर्न को बुलिश और बियरिश में विभाजित किया जा सकता है। बुलिश पैटर्न इसका संकेत है कि कीमत ऊपर जा रही है, जबकि बियरिश पैटर्न मूल्य में गिरावट के पहले आता आ सकते हैं।

      कैंडलस्टिक अवयव

      एक बार चार्ट की ही तरह, एक कैंडलस्टिक दिखाता है कि ट्रेडिंग सत्र के दौरान बाजार खुले, बंद, उच्च या निम्न हैं या नहीं। एक कैंडलस्टिक में एक विस्तृत हिस्सा होता है, जिसे “ रियल बॉडी ” कहा जाता है। यह करोबार सत्र के खुलने तथा बंद होने के बीच मूल्य सीमा के रूप में वर्णित किया जाता है।

      जब रियल बॉडी काले कैंडल चार्ट को कैसे समझें रंग की होती है, तो इसका मतलब है कि समापन मूल्य प्रतिभूतियों द्वारा कोट किए गए शुरुआती मूल्य से कम है। एम्प्टी बॉडी इसका उल्टा होता है, जिसका अर्थ है कि समापन मूल्य प्रारंभ मूल्य से अधिक था।

      कारोबारियों के पास उनके संबंधित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में रंग बदलने का विकल्प होता है। उदाहरण के लिए, एक नीचे की ओर की(डाउन) कैंडलस्टिक को आमतौर पर लाल रंग में शेडेड किया जाता है (पहले वर्णित काले रंग के बजाय)। ऊपर की ओर(अप) की कैंडलस्टिक को हरा रंग दिया जा सकता है (सफेद के बजाय)।

      कैंडलस्टिक पैटर्न कैसे पढ़ा जाए

      कैंडलस्टिक पैटर्न के कई बुनियादी रूप हैं जैसे बियरिश इनगल्फिंग पैटर्न, बुलिश इनगल्फिंग पैटर्न। आइए अब देखते हैं कि कैंडलस्टिक्स की व्याख्या कैसे करें।

      बियरिश इनगल्फिंग पैटर्न: इस पैटर्न का गठन तब होता है जब एक प्रतिभूतियों के विक्रेताओं खरीदारों की तुलना में अधिक कर रहे हैं। आप इस पैटर्न का पता तब लगा सकते हैं जब आप एक छोटे से हरे रंग की रियल बॉडी को लंबे लाल रंग के रियल बॉडी से घिरा हुआ(इनगल्फिंग) देखते हैं। बियरिश इनगल्फिंग पैटर्न एक संकेत है कि बियर नियंत्रण में हैं और प्रतिभूतियों की कीमत कम गिरने की संभावना है।

      बुलिश इनगल्फिंग पैटर्न: बियरिश इनगल्फिंग पैटर्न के विपरीत, इस पैटर्न का गठन किया है जब खरीदारों की संख्या विक्रेताओं से अधिक होती है।इस पैटर्न एक लंबी हरे रंग की रियल बॉडी, एक छोटी लाल रंग की रियल बॉडी को घेरे(इनगल्फ किए) होती है। कारोबारी एक खरीद संकेत के रूप में इस पैटर्न की व्याख्या करते हैं। जब बुलिश इनगल्फिंग पैटर्न का निर्माण होता है तो कीमतों में वृद्धि की उम्मीद की जाती है।

      बियरिश इवनिंग स्टार: इवनिंग स्टार एक ऐसा पैटर्न है जिसका गठन तब होता है जब प्रतिभूतियों की कीमत में सबसे ऊपर होती है। जब पैटर्न में आखिरी कैंडलस्टिक पिछले कैंडल चार्ट को कैसे समझें दिन के छोटी रियल बॉडी के नीचे खुलती है, तो गठित पैटर्न को बियरिश इवनिंग स्टार कहा जाता है। इस पैटर्न की उपस्थिति का मतलब है कि भविष्य में प्रतिभूतियां बिक्री का दबाव देख कैंडल चार्ट को कैसे समझें सकती हैं।

      बियरिश हरामी: यह पैटर्न का संकेत करता है कि कारोबारी दुविधा में पड़े हुए हैं। पिछले दिन की रियल बॉडी के अंदर पूरी तरह से एक छोटी लाल बॉडी को बियरिश हरामी कहा जाता है। यदि इस तरह के पैटर्न के बनने के बाद मूल्य ऊपर की ओर बढ़ते जा रहे हैं, तो ऊपर की ओर संचलन जारी रह सकता है। लेकिन अगर कीमत गिरना शुरू होता है, तो इसके आगे गिरते रहने की ही संभावना है।

      बुलिश हरामी: जब हरे रंग की एक छोटा सी रियल बॉडी, पिछले दिन की बड़ी रियल बॉडी के अंदर होती है, तो पैटर्न को बुलिश हरामी कहा जाता है। पैटर्न एक संकेत है कि एक प्रवृत्ति रुक रही है और जल्द ही ऊपर की ओर संचलन आ सकता है।

      बियरिश हरामी क्रॉस: यह पैटर्न एक अपट्रेंड के दौरान निर्मित होता है। जब दोजी एक ऊपर की ओर जाती कैंडलस्टिक का अनुसरण करता है — जहां कैंडलस्टिक करीब-करीब एक समान खुली और बंद होती है — पैटर्न को कैंडल चार्ट को कैसे समझें बियरिश हरामी क्रॉस कहा जाता है। इसके अलावा, डोजी पिछले सत्र की रियल बॉडी के भीतर है। इस तरह पैटर्न की व्याख्या कारोबारी बियरिश हरामी की ही तरह करते हैं।

      बुलिश हरामी क्रॉस: यह कैंडलस्टिक पैटर्न एक गिरावट के दौरान बनता है। इसका निर्माण तब होता है जब एक डोजी नीचे जा रही(डाउनट्रेंड) कैंडलस्टिक का अनुसरण करता है। डोजी पिछले सत्र की रियल बॉडी के भीतर है। बुलिश हरामी की ही तरह पैटर्न, एक प्रवृत्ति रुकने का संकेत है, इसके बाद ऊपर की ओर संचलन होता है।

      निष्कर्ष: कैंडलस्टिक पैटर्न कारोबारियों को भविष्य में मूल्यों की चाल की भविष्यवाणी करने में मदद करते हैं। कैंडलस्टिक्स कारोबारियों को प्रतिभूतियों और अन्य परिसंपत्ति वर्गों के आसपास की भावनाओं को गेज करने में सहायता करते हैं। हालांकि ये पैटर्न भविष्य में कीमत की चाल का संकेत देते हैं, विशेषज्ञों का सुझाव है कि संकेतों के हमेशा सच होने की गारंटी नहीं होती है।

      How candlestick charts work and what timeframe to choose

      Types of charts

      There are two basic types of charts available in Forex: Line and Japanese Candlestick. Let’s look closer at both of them.

      Line charts

      Line Charts are the simplest, as they only connect closing prices over a given time period and depict the general price trend.

      You can use this type of chart as an overlay or for comparing charts when performing an inter-market analysis.

      For example, you might compare the prices of the Australian dollar and gold using a line chart.

      Candle charts

      Japanese Candlesticks offer the most popular form of charting.

      The candle chart bears much more information than the line chart and it is represented in an easy-to-grasp visual form.

      The real body marks the area between the open and the close price. If price closes above the open, the body is hollow. If the price ends up closing lower, the body is solid.

      The hollow candle is referred to as white, and the solid candle is called black, though, in reality, the chart can be shown in any color.

      The narrow line - called a shadow - shows the price range for the set time period.

      One Japanese candlestick is basically a linear chart representing a price for a selected timeframe but shown in a more compact form.

      Take a look at how a linear chart that represents a growing price converts into a white Japanese five-minute candle.

      Now, this is how a linear chart that represents a falling price converts into a black Japanese five-minute candle:

      What timeframe to choose for the chart

      Traders use monthly, weekly, daily, 4-hour, hourly, 15-minute and even 1-minute timeframes.

      Ideally, traders pick the main timeframe they are interested in and then choose a longer and a shorter timeframe to complement the main one.

      The longer timeframes typically contain fewer and more reliable signals. The shorter timeframes usually contain more signals with less accuracy.

      There are several types of traders, and they have different trading styles.

      Swing or position traders prefer holding trades for days or weeks.

      They mainly focus on the daily charts for their trades. They can also make use of a weekly chart when defining the long-term trend, as you can see on the example. And track a 4-hour chart when defining the immediate short-term trend.

      Intraday traders, who enter and exit the market the same day, pay more attention to shorter timeframes such as the hourly and 4-hour charts for entry signals, and the daily chart for the broader trend.

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